यादे(memories)
यादे बहुत याद आती हैं वो बचपन की हसीन यादे, दादी नानी के किस्से कहानियों की यादे, भाई बहनो के छोटे छोटे झगड़ो की यादे, फिर रूठने और पापा के मनाने की यादे, साथ साथ सोने जागने, पढ़ने, हसने, खेलने की यादे, रोज रात को दादा जी को पहाड़े सुनाने की वो यादे, सबका मिलकर T. V देखना और फिर सीट के लिए झगड़ने की यादे, सबका मिलकर गुड्डे गुड़िया का ब्याह रचाने की यादे, बहुत याद आती हैँ वो बचपन की हसीन यादे! कहीं खो गए हैं ये प्यारे रिश्ते इस ज़िन्दगी की आपा धापी मे, बिखर गए है संयुक्त परिवार, नहीं है समय किसी के पास, नहीं बचे हैं सच्चे रिश्ते देने को उसका साथ, अपने अपने T.V और अपने अपने मोबाइल है सबके पास, सोशल मीडिया है देने को उनका साथ, करते हैं पोस्ट हँसते हुए फोटो, और देखते हैं लाइक्स, पर अंदर से हैं सब अकेले, हैरान, परेशान, बस मन के किसी कोने मे बची हैं बचपन की यादे बहुत याद आती हैं वो बचपन की हसीन यादे!