Numbers (नंबरो की भाषा)
नंबरो की भाषा
कहते है प्रकृति का कन कन कुछ बोलता है,
हर एक की है अपनी अलग अलग बोलो, अपनी अलग अलग भाषा!
इंसान की है अपनी बोली, पशु पश्चिकयो की है अपनी बोली,
पेड़ पौधों की भी होती है अपनी बोली,
हर एक की है अपनी अलग अलग बोली, अपनी अलग अलग भाषा!
26 के 26 वर्ण माला के अक्षरों की भी है अपनी अलग बोली,
1 से 9 नंबरो की भी है अपनी अलग अलग बोली,
नंबर 1 कहता है मैं हूँ राजा,
है नंबर 2 मेरी रानी,
चमकते है हम सूरज चाँद की तरह और भर देते है उजियारा!
नंबर 3 और नंबर 6 है दो गुरु जिनमे रहता है हमेशा छत्तीस का आंकड़ा, क्योंकि एक है देव गुरु और एक है देत्या गुरु!
समझते है दोनों एक दूसरे से ऊपर अपने को, परन्तु देते है
दुनिया को शिक्षा, दीक्षा,और ग्लैमर!
नंबर 4 और नंबर 7 है राहु और केतु, जो है एक शरीर के दो हिस्से,एक है सर और एक है धड!
एक बनाता है रोबिनहुड और एक बनाता है अध्यात्मिक !
नंबर 5 और नंबर 8,है राजा के दो पुत्र,
एक है राजकुमार और एक है जज,
राजकुमार करता है सब बैलेंस और जज करता है सबके कर्मो का हिसाब!
नंबर 9 है राजा का सेनापति,जो करता है मानवता और रहता है बन कर दानवीर कर्ण!
छुपे है सबकी किस्मत के राज इन 9 नंबरो की बोली मे,
क्योंकि हर एक की है अपनी अपनी बोली, अपनी अपनी भाषा!

Very nice
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DeleteWow..Kitne ache se Aapne saare nos. Ki Aapne harek ki life Mn contribution bata di ma'am..great talent ma'am..
ReplyDelete🙏🙏
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ReplyDeleteWah kya baat hai. Very nice
ReplyDeleteAwesome indu ji 😊
ReplyDeleteThanks ankit sir.🙏🙏🙏
DeleteWow beautifully expressed the characters of no..s.
ReplyDeleteBest wishes
Lovely....bahoot khub likha hai👏👏
ReplyDelete🙏🙏
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