विनाशकारी कोरोना
कब अंत होगा, कब अंत होगा,कब अंत होगा इस कोरोना का,
हर एक के मन में है यही सवाल,कब अंत होगा इस कोरोना का!
मचा है आंतक चारों ओर,उठ रही हैँ सिसकियो की आवाज़े चारों ओर,
आ रहा है रात दिन एम्बुलेंस का शोर,
लील ली हैँ कितनी ही ज़िन्दगिया, कर रहे हैँ लोग त्राहि त्राहि हर ओर!
हर एक के मन में है यही सवाल,कब अंत होगा इस कोरोना का!
ख़तम हो रही है ऑक्सीजन, नहीं बची है सांस,
नहीं है जगह किसी अस्पताल में, नहीं बचने की कोई आस,
लगी है लम्बी लम्बी कतारे शमशान घाटों में, नदियों में बह रही लोगो की लाश,
मची है लूट खसोट हर ओर, बेच दी है आत्मा और दीन ईमान,
नोच रहा है इंसान इंसान को गिधो की तरह,
छाया है मातम हर घर में, पसरा है स्नाटा सड़को पे,
हर एक के मन में है यही सवाल,कब अंत होगा इस कोरोना का!
लेकिन देना तो पड़ेगा जवाब उस ईश्वर के दरबार में,
क्यों नहीं लेता ज़िम्मेदारी कोई भी नेता इतनी मौतों का,
बस चल रहा है दौर आरोप प्रत्यारोपों का,
कोई तो पूछे उन लोगो से ज़िन लोगो ने खोया अपनों को,हो गए कितने ही बच्चे अनाथ,
हर एक के मन में है यही सवाल,कब अंत होगा इस कोरोना का!
याद कर रहा है इंसान हर पल अपने भगवान को,
हाथ ज़ोड कर मांग रहा है अपनी साँसे
कह रहा है, हे प्रभु!बचा ले, अब तो बचा ले,
भेजा है ईश्वर ने अपने दूत बना कर डॉक्टर, नरसो , मेडिकल स्टाफ को,
कर रहे हैँ सेवा लोगो की बन कर कोरोना वारियर, बचा रहे हैँ लोगो की जान,खेल कर अपनी जान पर!
आओ करें हम सब मिल कर प्रार्थना अपने ईश्वर से,
जल्दी से कर दे अंत इस विनाशकारी कोरोना का, कर दे अंत इस विनाशकारी कोरोना का!

👏👏👏👏
ReplyDeleteWell written👌
ReplyDeleteSabr ka baandh tut raha hai..I too really wish it comes to an end now....🙏🙏
ReplyDeleteप्रभु से प्रार्थना ही कर सकते हैं,अपना बचाव जहां तक संभव हो करना है और उन देवदूतों को नमन जो इस संकट काल में दुखियों की सेवा में लगे हुए हैं
ReplyDeleteActual reality of life..surb poetry..
ReplyDeleteVery nicely written
ReplyDeleteVery true written
ReplyDeleteNice composition 👍
ReplyDeleteWell said madam.
ReplyDeleteHarsh truth..God bless all 🙏
ReplyDeleteVery well written Indu. So true and so tragic are these times.
ReplyDeleteआप बहुत ही अच्छा लिखती है।आनन्द आता है।
ReplyDelete🙏🙏🙏
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