ग़लती
ग़लती
न तेरी ग़लती ,न मेरी ग़लती
किसकी ग़लती उसकी ग़लती!
जब बच्चे भूख से रोए .तो किसकी ग़लती
मॉ की ग़लती!
जब आवारा हो जाए ,तो किसकी ग़लती
मॉ की ग़लती!
जब नंबर कम आए ,तो किसकी ग़लती
मॉ की ग़लती!
न तेरी ग़लती ,न मेरी ग़लती
किसकी ग़लती उसकी ग़लती!
बेटा ग़लती करे ,तो बहू कहे
किसकी ग़लती मॉ की ग़लती!
बहू ग़लती करे ,तो बेटा कहे
किसकी ग़लती मॉ की ग़लती!
पति ग़लती करे ,तो बच्चे कहे
किसकी ग़लती मॉ की ग़लती!
बेटी ससुराल मे ग़लती करे ,तो सास कहे
किसकी ग़लती मॉ की ग़लती!
भाई भाई लडाई करे ,तो सब कहे
किसकी ग़लती मॉ की ग़लती!
न तेरी ग़लती, न मेरी ग़लती
किसकी ग़लती ,उस भगवान की ग़लती
जिसने मॉ बनाई,
न बनाता मॉ ,न होती ग़लती!
न तेरी ग़लती ,न मेरी ग़लती
किसकी ग़लती ,उसकी ग़लती!
Very nice poem
ReplyDeleteVery beautifully written, ma'am.
ReplyDeleteVery nice composition, ma'am.
ReplyDeleteNice one
ReplyDeleteBeautiful ❤️
ReplyDeleteBeautiful!!
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