Posts

Showing posts from September, 2023

सुकून(peace)

Image
सुकून ऐ सुकून तू कहाँ मिलता है, कया कोई तेरा ठिकाना है।  ढूँढा तुझे हर जगह, पर पता नहीं तू कहाँ मिलता है।  ढूँढा तुझे ऊचे पहाडो़ में, और बहती नदियों में।  ढूँढा तुझे समतल राहों में, और झरझर गिरते झरनो में।  ढूँढा तुझे उगते सूरज की किरणों में, और चाद की शीतलता में।  ढूँढा तुझे घने वृक्षों की छाव में, और सुऺदर फूलों की खुशबू में।  ढूँढा तुझे पंछियों की चहचहाट में, और मासूम पशुओं के प्यार में।  पर पता नहीं तू कहाँ मिलता है, कया कोई तेरा ठिकाना है।  ढूँढा तुझे मंदिरों में ,और मस्जिदों में।  ढूँढा तुझे मोटी मोटी किताबों में, और टीवी चैनलों में।  ढूँढा तुझे अपने मोबाइल में, और यू ट्यूब चैनलों में।  पर पता नहीं तू कहाँ मिलता है, कया कोई तेरा ठिकाना है।  पूछा सब लोगों से,पूछा साधु संतों से।  पर वो तो तुझे ही ढूंढ रहे थे, तेरा पता ही पूछ रहे थे।  ॳत में जाना, सुकून तो कहीं बाहर नहीं है, ये तो अपने अंदर ही है।  ये तो एक अहसास है, जिसको ढूँढते है सब बाहर।  जो मिला, उसी में कर संतोष,  आज की सोच, कल की न सोच जो बीत ...