अहसास शायद न रहेगे जिस दिन, होगा अहसास उस दिन। तिल तिल कर बनाया घोसला, उस घोसले के होने का होगा अहसास किस दिन। पाई पाई जोड़ चलाई गृहस्ती, उस गृहस्ती के होने का होगा अहसास किस दिन। कमर तोड़ की मेहनत, देखने को एक झलक खुशी की, उस खुशी के होने का होगा अहसास किस दिन, शायद न रहेगे जिस दिन, होगा अहसास उस दिन। भरसक किए पृयास जोडने को एक एक रिश्ते के तार, उस रिश्ते के होने का होगा अहसास किस दिन। अपनी इच्छाओ, उम्मीदों को छोड़ लगाई तुमसे उम्मीद, उन उम्मीदों के होने का होगा अहसास किस दिन। शायद न रहेगे जिस दिन, होगा अहसास उस दिन। होती है गलती हर इंसान से, ढूंढ लेता है गलती वो तो भगवान मे, उस गलती को बार बार गलती कहने का होगा अहसास किस दिन। गर न हुआ अहसास, तो होगा पछतावा उस दिन, न रहेगे शायद जिस दिन।